About रूद्र हवन
रुद्र हवन एक प्रकार का हवन है जो भगवान शिव के नामों के जाप और पूजा के साथ आयोजित किया जाता है। इस पूजा में भगवान शिव के रुद्र अवतार और महिमा की महत्वपूर्णता को मान्यता दी जाती है। रुद्र हवन के द्वारा भगवान शिव के शक्तिशाली और दयालु रूप का आदर किया जाता है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का प्रयास किया जाता है।
रुद्र हवन के दौरान निम्नलिखित चरण होते हैं:
- पूजा स्थापना: रुद्र हवन के पूर्व, भगवान शिव की मूर्ति को विशेष रूप से सजाकर स्थापित किया जाता है।
- हवन की सामग्री: हवन करने के लिए विभिन्न सामग्री तैयार की जाती है, जैसे कि घी, साबुत दाना, अग्नि, यज्ञशाला, यजमान, अचामनीय, समिधा, संग्रहणी, आदि।
- हवन क्रिया: पूजा अर्चना के बाद, पंडित या यजमान भगवान शिव के नामों का उच्चारण करते हैं और हवन करते हैं, जिसमें अग्नि में सामग्री को डालते हैं और मन्त्रों का जाप करते हैं।
- पूजा और आरती: हवन के बाद, भगवान शिव की पूजा की जाती है और उनकी आरती दी जाती है।
- प्रसाद और ब्रह्मण भोजन: पूजा के बाद, प्रसाद वितरित किया जाता है और ब्रह्मणों को भोजन की व्यवस्था की जाती है।
रुद्र हवन का उद्देश्य भगवान शिव के शक्तिशाली और उपकारक रूप की पूजा करना है और उनके आशीर्वाद को प्राप्त करने का प्रयास करना है। यह पूजा प्रथा भगवान शिव के महत्वपूर्ण विशेष रूपों को समर्पित है और उनके शक्ति और आशीर्वाद को प्राप्त करने के लिए की जाती है।
नोट : पंडित जी की आकाशीय वृत्ती होती है इसको ध्यान में रखते हुए पूजा बुकिंग करते समय यह ध्यान दें पूजा बुक होने के पश्चात किसी भी प्रकार का कोई रिफंड नहीं किया जाएगा
यह सभी पूजा बुकिंग की निर्धारित दक्षिणा केवल वाराणसी मे मान्य है अन्यत्र शहर मे पूजा बुकिंग हेतु दक्षिणा बढ़ जाएगी |
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