चैत्र नवरात्रि में माँ Durga के 9 रूपों की पूजा की जाती है। यह पर्व शक्ति, सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
पहले दिन की मुख्य पूजा
विधि:
सुबह स्नान करके साफ स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएं।
मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएँ।
उस पर जल से भरा कलश रखें।
कलश पर आम के पत्ते और नारियल रखें।
माँ Durga का ध्यान करके दीप जलाएं।
सामग्री:
कलश
नारियल
आम के पत्ते
जौ (जवारे)
लाल कपड़ा
रोली, चावल
लाभ:
घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है।
विधि:
माँ की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं।
लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं।
दुर्गा चालीसा या सप्तशती का पाठ करें।
सामग्री:
लाल फूल
अगरबत्ती / धूप
घी का दीपक
सिंदूर
चुनरी
लाभ:
मनोकामना पूर्ति और संकटों से रक्षा होती है।
मंत्र:ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
सामग्री:
रुद्राक्ष या कमल गट्टे की माला
लाभ:
मन की शांति और शक्ति प्राप्त होती है।
नवरात्रि के अंतिम दिन कन्या पूजन किया जाता है।
विधि:
9 छोटी कन्याओं को घर बुलाएं।
उनके पैर धोकर पूजा करें।
हलवा-पूरी और चने का प्रसाद खिलाएं।
सामग्री:
हलवा
काला चना
पूरी
लाल चुनरी
दक्षिणा
लाभ:
माँ दुर्गा की विशेष कृपा और घर में समृद्धि आती है।
नवमी के दिन हवन करना शुभ माना जाता है।
सामग्री:
हवन कुंड
आम की लकड़ी
घी
हवन सामग्री
कपूर
लाभ:
नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर पवित्र बनता है।
✅ नवरात्रि में खास ध्यान रखें:
सात्विक भोजन करें
मांस-मदिरा से दूर रहें
रोज दीपक और आरती करें