आजकल शादी में बाधाएँ क्यों आ रही हैं?

आजकल शादी में बाधाएँ क्यों आ रही हैं?
आजकल शादी में बाधाएँ क्यों आ रही हैं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह में आने वाली बाधाएँ अक्सर कुंडली में ग्रहों की स्थिति और दोषों के कारण मानी जाती हैं। जब जन्म कुंडली में कुछ ग्रह अशुभ स्थिति में होते हैं या विवाह से जुड़े भाव प्रभावित होते हैं, तब शादी में देरी या रुकावटें आ सकती हैं।

1️⃣ मांगलिक दोष (मंगल दोष)
यदि कुंडली के 1, 4, 7, 8 या 12वें भाव में मंगल हो, तो इसे मांगलिक दोष माना जाता है। इससे विवाह में देरी या रिश्तों में समस्या आ सकती है।

2️⃣ शनि और राहु का प्रभाव
कुंडली में शनि या राहु की अशुभ दृष्टि होने पर विवाह में रुकावट, बार-बार रिश्ते टूटना या देर से शादी होने की संभावना बढ़ जाती है।

3️⃣ सप्तम भाव में दोष
ज्योतिष में सप्तम भाव (7th house) विवाह का भाव माना जाता है। यदि इस भाव में पाप ग्रह हों या यह भाव कमजोर हो, तो विवाह में बाधाएँ आ सकती हैं।

4️⃣ गुरु और शुक्र की कमजोर स्थिति
गुरु और शुक्र ग्रह विवाह और दांपत्य सुख के कारक माने जाते हैं। यदि ये ग्रह कमजोर या अशुभ स्थिति में हों, तो विवाह में देरी हो सकती है।

5️⃣ नाड़ी दोष या कुंडली मिलान की समस्या
कुंडली मिलान में नाड़ी दोष या गुण कम मिलने से भी विवाह तय होने में कठिनाई आ सकती है।

✨ समाधान (ज्योतिषीय उपाय)
ज्योतिष के अनुसार उचित पूजा-पाठ, ग्रह शांति, मंत्र जाप, और रत्न धारण जैसे उपायों से विवाह में आने वाली बाधाओं को कम किया जा सकता है।